Sunday, February 7, 2010

मेरठ में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगोष्ठी 12 से


-डॉ. अशोक कुमार मिश्र
भारत का हृदयस्थल पश्चिमी उत्तर प्रदेश। इसी का सबसे महत्वपूर्ण शहर है मेरठ। पूरी दुनिया में यह शहर कई कारणों से मशहूर रहा है। अंगेजों के जमाने में इसी शहर से आजादी की लड़ाई की शुरुआत हुई। सन् 1857 की क्रांति का उद्गम स्थल माना जाना वाला यह शहर एक गौरवशाली अतीत को समेटे है। इसी शहर में लगता है नौचंदी मेला जो सांस्कृतिक विरासत और सांप्रदायिक एकता का प्रतीक है। राजधानी दिल्ली के निकट स्थित यह शहर कभी कैंची के लिए मशहूर रहा तो कभी खेल के सामान के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता रहा है। कभी इस शहर का नाम दंगे के कारण लोगों के जेहन में आया तो कभी विक्टोरिया पार्क जैसे हादसे के चलते चर्चा में आया। वजह कोई भी रही शहर हमेशा विश्व मानचित्र पर अपनी पहचान बनाए रहा।
अब हिंदी साहित्य जगत में भी यह शहर खास पहचान बना रहा है। इसका श्रेय जाता है विश्वविद्यालय में चल रहे हिंदी विभाग और इसकेअध्यक्ष डॉ. नवीन चंद्र लोहनी को। डॉ. लोहनी ने अपनी आधुनिक सोच से न केवल विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति आत्मगौरव जागृत किया बल्कि उन्हें जमाने के साथ कदमताल करने केलिए तैयार भी किया। विभाग में आधुनिक कंप्यूटर लैब, मल्टीमीडिया लैब, पुस्तकालय और सुसज्जित संगोष्ठी कक्ष है जिसकी विद्यार्थियों के लिए व्यापक उपयोगिता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए समय-समय पर विशेषज्ञ विद्वानों केव्याख्यान भी डॉ. लोहनी कराते रहे हैं। हिंदी के प्रचार प्रचार केलिए कई बड़े कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित किए गए हैं।
इसी क्रम में इस बार डॉ. लोहनी अब तक का सबसे बड़ा आयोजन करने जा रहे हैं। विभाग की ओर से १२ से १४ फरवरी 2010 के मध्य 'भूमंडलीकरण के दौर में हिंदी, विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है जिसमें देश-विदेश के अनेक विद्वान, शोधार्थी, हिंदी साहित्य के मर्मज्ञ और मीडिया से जुड़े लोग भाग ले रहे हैं। इस संगोष्ठी में 'अङ्क्षहदी भाषी राज्यों में हिंदी, 'प्रवासी क्षेत्रों में हिंदी, 'विदेशी लेखकों द्वारा हिंदी लेखन और प्रसार, 'हिंदी का लेखन और हिंदी साहित्य जैसे सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिन लोगों में हिंदी के प्रति अनुराग है, उनके लिए इसमें भाग लेना सुखद अनुभव होगा, ऐसा विश्वास है। हालांकि पूर्व में स्वीकृति के उपरांत ही संगोष्ठी में भाग लेना संभव होगा। भाग लेने केलिए १० जनवरी तक सूचना भेजी जा सकती है।
प्रतिभागिता हेतु संपर्क करें-
प्रो० नवीन चन्द्र लोहनी , विभागाध्यक्ष हिन्दी
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ ।
nclohani@gmail.com, nclohani@yahoo.com
Phone & fax-01212772455, +919412207200
अन्य फोन नंबर एवं वेब पते-
विवेक सिंह ( शिक्षण सहायक)
गजेन्द्र सिंह ( शिक्षण सहायक)
+9258040773 ,9359770328

4 comments:

Udan Tashtari said...

आभार जानकारी के लिए.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

चलो जी अच्छा है. सफल हों.

अनुनाद सिंह said...

लोहानी जी कीकार्यशैली बहुत सही लगी। हिन्दी को आत्मगौरव का हथियार बनाना पड़ेगा। इसे विकास का साधन बनाना होगा। इसमें सब तरह की बतकही और ज्ञान-विज्ञान होना चाहिये।

मेरठ विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के नवाचारी चरित्र को मेरा शत-शत नमन!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

जानकारी के लिए धन्यवाद!